वाल्मीकि रामायण 2.32.39
उवाच च ततो रामस्तम् गार्ग्यमभिसान्त्वयन् ।मन्युर्न खलु कर्तव्यः परिहासो ह्ययम् मम॥
uvāca ca tato rāmastam gārgyamabhisāntvayan |manyurna khalu kartavyaḥ parihāso hyayam mama ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें