वाल्मीकि रामायण 2.88.1
तत् श्रुत्वा निपुणम् सर्वम् भरतः सह मन्त्रिभिः ।इन्गुदी मूलम् आगम्य राम शय्याम् अवेक्ष्य ताम्॥
tat śrutvā nipuṇam sarvam bharataḥ saha mantribhiḥ |ingudī mūlam āgamya rāma śayyām avekṣya tām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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