वाल्मीकि रामायण 2.88.3
महा भाग कुलीनेन महा भागेन धीमता ।जातो दशरथेन ऊर्व्याम् न रामः स्वप्तुम् अर्हति॥
mahā bhāga kulīnena mahā bhāgena dhīmatā |jāto daśarathena ūrvyām na rāmaḥ svaptum arhati ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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