वाल्मीकि रामायण 3.29.28
सा विशीर्णा शरैः भिन्ना पपात धरणी तले ।गदा मंत्र औषधि बलैर् व्याली इव विनिपातिता॥
sā viśīrṇā śaraiḥ bhinnā papāta dharaṇī tale |gadā maṃtra auṣadhi balair vyālī iva vinipātitā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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