वाल्मीकि रामायण 3.43.1
सा तम् संप्रेक्ष्य सुश्रोणी कुसुमानि विचिन्वती ।हेम राजत वर्णाभ्याम् पार्श्वाभ्याम् उपशोभितम्॥
sā tam saṃprekṣya suśroṇī kusumāni vicinvatī |hema rājata varṇābhyām pārśvābhyām upaśobhitam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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