वाल्मीकि रामायण 3.53.24
राक्षसा निहता येन सहस्राणि चतुर्दश ।कथम् स राघवो वीरः सर्व अस्त्र कुशलो बली॥
rākṣasā nihatā yena sahasrāṇi caturdaśa |katham sa rāghavo vīraḥ sarva astra kuśalo balī ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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