वाल्मीकि रामायण 3.55.11
सुधा मणि विचित्राणि भूमि भागानि सर्वशः ।दशग्रीवः स्व भवने प्रादर्शयत मैथिलीम्॥
sudhā maṇi vicitrāṇi bhūmi bhāgāni sarvaśaḥ |daśagrīvaḥ sva bhavane prādarśayata maithilīm ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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