वाल्मीकि रामायण 3.55.15
तेषाम् प्रभुः अहम् सीते सर्वेषाम् भीम कर्मणाम् ।सहस्रम् एकम् एकस्य मम कार्य पुरःसरम्॥
teṣām prabhuḥ aham sīte sarveṣām bhīma karmaṇām |sahasram ekam ekasya mama kārya puraḥsaram ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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