वाल्मीकि रामायण 3.56.3
रामो नाम स धर्मात्मा त्रिषु लोकेषु विश्रुतः ।दीर्घ बाहुः विशालाक्षो दैवतम् स पतिः मम॥
rāmo nāma sa dharmātmā triṣu lokeṣu viśrutaḥ |dīrgha bāhuḥ viśālākṣo daivatam sa patiḥ mama ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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