वाल्मीकि रामायण 4.22.1
वीक्षमाणः तु मंदासुः सर्वतो मंदम् उच्छ्वसन् ।आदौ एव तु सुग्रीवम् ददर्श अनुजम् अग्रतः॥
vīkṣamāṇaḥ tu maṃdāsuḥ sarvato maṃdam ucchvasan |ādau eva tu sugrīvam dadarśa anujam agrataḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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