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वाल्मीकि रामायण 4.30.83
कुरुष्व सत्यम् मम वानरेश्वरप्रतिश्रुतम् धर्मम् अवेक्ष्य शाश्वतम् ।मा वालिनम् प्रेत गतो यम क्षयम्त्वम् अद्य पश्येः मम चोदितः शरैः॥
kuruṣva satyam mama vānareśvarapratiśrutam dharmam avekṣya śāśvatam |mā vālinam preta gato yama kṣayamtvam adya paśyeḥ mama coditaḥ śaraiḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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