वाल्मीकि रामायण 4.46.21
ततो माम् बुद्धि संपन्नो हनुमान् वाक्यम् अब्रवीत् ।इदानीम् मे स्मृतम् राजन् यथा वाली हरीश्वरः॥
tato mām buddhi saṃpanno hanumān vākyam abravīt |idānīm me smṛtam rājan yathā vālī harīśvaraḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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