वाल्मीकि रामायण 4.5.5
तपसा सत्य वाक्येन वसुधा येन पालिता ।स्त्री हेतोः तस्य पुत्रोऽयम् रामः अरणयम् समागतः॥
tapasā satya vākyena vasudhā yena pālitā |strī hetoḥ tasya putro'yam rāmaḥ araṇayam samāgataḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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