वाल्मीकि रामायण 4.6.24
ब्रूहि सुग्रीव कम् देशम् ह्रियन्ती लक्षिता त्वया ।रक्षसा रौद्ररूपेण मम प्राणप्रिया प्रिया॥
brūhi sugrīva kam deśam hriyantī lakṣitā tvayā |rakṣasā raudrarūpeṇa mama prāṇapriyā priyā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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