वाल्मीकि रामायण 6.20.36
सर्वम् तदुपपद्येथा जह्यम् चेद्यदि जीवितम् ।नाघातयत्तदा रामः श्रुत्वा तत्परिदेवितम्॥
sarvam tadupapadyethā jahyam cedyadi jīvitam |nāghātayattadā rāmaḥ śrutvā tatparidevitam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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