वाल्मीकि रामायण 6.29.11
किम् नु मृत्योर् भयम् न अस्ति माम् वक्तुम् परुषम् वचः ।यस्य मे शासतो जिह्वा प्रयच्चति शुभ अशुभम्॥
kim nu mṛtyor bhayam na asti mām vaktum paruṣam vacaḥ |yasya me śāsato jihvā prayaccati śubha aśubham ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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