वाल्मीकि रामायण 6.29.14
अपध्वम्सत गच्चध्वम् सम्निकर्षाद् इतो मम ।न हि वाम् हन्तुम् इच्चामि स्मरन्न् उपकृतानि वाम्॥
apadhvamsata gaccadhvam samnikarṣād ito mama |na hi vām hantum iccāmi smarann upakṛtāni vām ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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