वाल्मीकि रामायण 6.29.2
समीपस्थम् च रामस्य भ्रातरम् स्वम् विभीषणम् ।सर्व वानर राजम् च सुग्रीवम् भीम विक्रमम्॥
samīpastham ca rāmasya bhrātaram svam vibhīṣaṇam |sarva vānara rājam ca sugrīvam bhīma vikramam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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