वाल्मीकि रामायण 6.29.8
रिपूणाम् प्रतिकूलानाम् युद्ध अर्थम् अभिवर्तताम् ।उभाभ्याम् सदृशम् नाम वक्तुम् अप्रस्तवे स्तवम्॥
ripūṇām pratikūlānām yuddha artham abhivartatām |ubhābhyām sadṛśam nāma vaktum aprastave stavam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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