वाल्मीकि रामायण 6.3.31
हता इति नगरी लंकाम् वानरैर् अवधार्यताम् ।अङ्गदो द्विविदो मैन्दो जाम्बवान् पनसो नलः॥
hatā iti nagarī laṃkām vānarair avadhāryatām |aṅgado dvivido maindo jāmbavān panaso nalaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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