वाल्मीकि रामायण 6.30.30
वक्तुम् न शक्तो रामस्य गुणान् कश्चिन्नरः क्षितौ ।जनस्थानगता येन तावन्तो राक्षसा हताः॥
vaktum na śakto rāmasya guṇān kaścinnaraḥ kṣitau |janasthānagatā yena tāvanto rākṣasā hatāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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