वाल्मीकि रामायण 6.30.4
इति तेन अनुशिष्टस् तु वाचम् मन्दम् उदीरयत् ।तदा राक्षस शार्दूलम् शार्दूलो भय विह्वलः॥
iti tena anuśiṣṭas tu vācam mandam udīrayat |tadā rākṣasa śārdūlam śārdūlo bhaya vihvalaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें