वाल्मीकि रामायण 6.32.43
शीघ्रम् भेरी निनादेन स्फुट कोण आहतेन मे ।समानयध्वम् सैन्यानि वक्तव्यम् च न कारणम्॥
śīghram bherī ninādena sphuṭa koṇa āhatena me |samānayadhvam sainyāni vaktavyam ca na kāraṇam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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