वाल्मीकि रामायण 6.44.16
सा बभूव निशा घोरा हरिराक्षसहारिणी ।कालरात्रीव भूतानां सर्वेषां दुरतिक्रमा॥
sā babhūva niśā ghorā harirākṣasahāriṇī |kālarātrīva bhūtānāṃ sarveṣāṃ duratikramā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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