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वाल्मीकि रामायण 6.44.34
एतस्मिन्नन्तरे रामो वानरान् वाक्यमब्रवीत्॥
etasminnantare rāmo vānarān vākyamabravīt ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंएतस्मिन्नन्तरे रामो वानरान् वाक्यमब्रवीत्॥
etasminnantare rāmo vānarān vākyamabravīt ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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