वाल्मीकि रामायण 6.73.26
ततो हयरथाकीर्णं पताकाध्वजशोभितम्।निर्ययौ राक्षसबलं नर्दमानं युयुत्सया॥
tato hayarathākīrṇaṃ patākādhvajaśobhitam |niryayau rākṣasabalaṃ nardamānaṃ yuyutsayā ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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