वाल्मीकि रामायण 6.8.10
किम् नो हनुमता कार्यम् कृपणेन तपस्विना ।रामे तिष्ठति दुर्धर्षे सुग्रीवे सह लक्ष्मणे॥
kim no hanumatā kāryam kṛpaṇena tapasvinā |rāme tiṣṭhati durdharṣe sugrīve saha lakṣmaṇe ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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