वाल्मीकि रामायण 6.8.13
कामरूपधराः शूराः सुभीमा भीमदर्शनाः ।राक्षसा वा सहस्राणि राक्षसाधिप निश्चिताः॥
kāmarūpadharāḥ śūrāḥ subhīmā bhīmadarśanāḥ |rākṣasā vā sahasrāṇi rākṣasādhipa niścitāḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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