वाल्मीकि रामायण 6.93.16
एवमादिविलापार्तं रावणं राक्षसाधिपम्।आविवेश महान् कोपः पुत्रव्यसनसम्भवः॥
evamādivilāpārtaṃ rāvaṇaṃ rākṣasādhipam |āviveśa mahān kopaḥ putravyasanasambhavaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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