वाल्मीकि रामायण 7.13.12
सौभ्रात्रदर्शनार्थं तु दूतं वैश्रवणस्तदा ।लङ्कां सम्प्रेषयामास दशग्रीवस्य वै हितम्॥
saubhrātradarśanārthaṃ tu dūtaṃ vaiśravaṇastadā |laṅkāṃ sampreṣayāmāsa daśagrīvasya vai hitam ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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