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वाल्मीकि रामायण 7.33.11
अद्य मे कुशलं देव अद्य मे कुशलं व्रतम् ।अद्य मे सफलं जन्म अद्य मे सफलं तपः ।यस्माद्देवगणैर्वन्द्यौ वन्दे ऽहं चरणौ तव॥
adya me kuśalaṃ deva adya me kuśalaṃ vratam |adya me saphalaṃ janma adya me saphalaṃ tapaḥ |yasmāddevagaṇairvandyau vande 'haṃ caraṇau tava ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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