वाल्मीकि रामायण 7.33.14
नरेन्द्राम्बुजपत्राक्ष पूर्णचन्द्रनिभानन ।अतुलं ते बलं येन दशग्रीवस्त्वया जितः॥
narendrāmbujapatrākṣa pūrṇacandranibhānana |atulaṃ te balaṃ yena daśagrīvastvayā jitaḥ ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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