वाल्मीकि रामायण 7.36.39
तस्मिन्नस्तमिते चाथ मन्त्रिभिर्मन्त्रकोविदैः ।पित्र्ये पदे कृतो वाली सुग्रीवो वालिनः पदे॥
tasminnastamite cātha mantribhirmantrakovidaiḥ |pitrye pade kṛto vālī sugrīvo vālinaḥ pade ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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