वाल्मीकि रामायण 7.45.22
मानयन्तु भवन्तो मां यदि मच्छासने स्थिताः ।इतो ऽद्य नीयतां सीता कुरुष्व वचनं मम॥
mānayantu bhavanto māṃ yadi macchāsane sthitāḥ |ito 'dya nīyatāṃ sītā kuruṣva vacanaṃ mama ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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