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वाल्मीकि रामायण 7.97.11
शुद्धायां जगतो मध्ये वैदेह्यां प्रीतिरस्तु मे॥
śuddhāyāṃ jagato madhye vaidehyāṃ prītirastu me ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंशुद्धायां जगतो मध्ये वैदेह्यां प्रीतिरस्तु मे॥
śuddhāyāṃ jagato madhye vaidehyāṃ prītirastu me ||
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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