पत्र खुल रहा है
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दीपक 9 नव॰, 6:00 am IST पर जलेगा
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दान वास्तव में क्या है: अभय का दान, और किस भाव से दिया जाए, महाभारत के शब्दों में।
9 नव॰, 6:00 am IST से आरंभ
इस प्रवचन का हर श्लोक इन ग्रंथों से मिलाया जा सकता है।
Mahabharata, Shanti Parva
12.254.33
Mahabharata, Shanti Parva
12.254.30 (paraphrased)
Mahabharata, Shanti Parva
12.282.19
Mahabharata, Shanti Parva
12.282.18 (paraphrased)
Mahabharata, Udyoga Parva
5.33.99 (paraphrased)
यह प्रवचन हमारे विद्वान समीक्षकों द्वारा समीक्षित ग्रंथ-पाठ से सुनाया गया है। आचार्य पात्र एक कलात्मक प्रस्तुति है।
चाणक्य का यह पात्र पारंपरिक वर्णनों पर आधारित एक कलात्मक प्रस्तुति है। उनके जीवन के विवरणों पर इतिहासकारों में मतभेद हैं।