पत्र खुल रहा है
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दीपक 27 अक्टू॰, 6:00 am IST पर जलेगा
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यह प्रवचन अभी जारी नहीं हुआ है
मित्र किसे कहते हैं, उसे कैसे परखें और स्वयं मित्र कैसे बनें, विदुर के शब्दों में।
27 अक्टू॰, 6:00 am IST से आरंभ
इस प्रवचन का हर श्लोक इन ग्रंथों से मिलाया जा सकता है।
Mahabharata, Udyoga Parva
5.36.35
Mahabharata, Udyoga Parva
5.39.37
यह प्रवचन हमारे विद्वान समीक्षकों द्वारा समीक्षित ग्रंथ-पाठ से सुनाया गया है। आचार्य पात्र एक कलात्मक प्रस्तुति है।
चाणक्य का यह पात्र पारंपरिक वर्णनों पर आधारित एक कलात्मक प्रस्तुति है। उनके जीवन के विवरणों पर इतिहासकारों में मतभेद हैं।