पत्र खुल रहा है
लोड हो रहा है…पत्र खुल रहा है
लोड हो रहा है…
दीपक 8 नव॰, 6:00 am IST पर जलेगा
…
यह प्रवचन अभी जारी नहीं हुआ है
तीन रंगों की श्रद्धा: सत्त्व, रजस् और तमस् हमारे विश्वास, वाणी और दान को कैसे ढालते हैं।
8 नव॰, 6:00 am IST से आरंभ
इस प्रवचन का हर श्लोक इन ग्रंथों से मिलाया जा सकता है।
Bhagavad Gita
17.1-17.2 (paraphrased)
Bhagavad Gita
17.3
Bhagavad Gita
17.4 (paraphrased)
Bhagavad Gita
17.15
Bhagavad Gita
17.20
यह प्रवचन हमारे विद्वान समीक्षकों द्वारा समीक्षित ग्रंथ-पाठ से सुनाया गया है। आचार्य पात्र एक कलात्मक प्रस्तुति है।
श्रीकृष्ण का यह पात्र एक कलात्मक प्रस्तुति है। वे समीक्षित पाठ बोलते हैं; गीता के वचन मूल ग्रंथ से यथावत उद्धृत हैं।