महाभारत 1.1.62
ततोऽध्यर्धशतं भूयः संक्षेपं कृतवानृषिःअनुक्रमणिमध्यायं वृत्तान्तानां सपर्वणाम्
tato'dhyardhaśataṃ bhūyaḥ saṃkṣepaṃ kṛtavānṛṣiḥanukramaṇimadhyāyaṃ vṛttāntānāṃ saparvaṇām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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