महाभारत 1.104.13
गूहमानापचारं तं बन्धुपक्षभयात्तदाउत्ससर्ज जले कुन्ती तं कुमारं सलक्षणम्
gūhamānāpacāraṃ taṃ bandhupakṣabhayāttadāutsasarja jale kuntī taṃ kumāraṃ salakṣaṇam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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