महाभारत 1.109.15
प्रमाणदृष्टधर्मेण कथमस्मान्विगर्हसेअगस्त्यस्याभिचारेण युष्माकं वै वपा हुता
pramāṇadṛṣṭadharmeṇa kathamasmānvigarhaseagastyasyābhicāreṇa yuṣmākaṃ vai vapā hutā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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