महाभारत 1.11.9
यत्तु वक्ष्यामि ते वाक्यं शृणु तन्मे धृतव्रतश्रुत्वा च हृदि ते वाक्यमिदमस्तु तपोधन
yattu vakṣyāmi te vākyaṃ śṛṇu tanme dhṛtavrataśrutvā ca hṛdi te vākyamidamastu tapodhana
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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