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महाभारत 1.113.13
क्रुद्धं तं तु पिता दृष्ट्वा श्वेतकेतुमुवाच हमा तात कोपं कार्षीस्त्वमेष धर्मः सनातनः
kruddhaṃ taṃ tu pitā dṛṣṭvā śvetaketumuvāca hamā tāta kopaṃ kārṣīstvameṣa dharmaḥ sanātanaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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