महाभारत 1.113.20
इति तेन पुरा भीरु मर्यादा स्थापिता बलात्उद्दालकस्य पुत्रेण धर्म्या वै श्वेतकेतुना
iti tena purā bhīru maryādā sthāpitā balātuddālakasya putreṇa dharmyā vai śvetaketunā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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