महाभारत 1.113.24
अत एतानि सर्वाणि कारणानि समीक्ष्य वैममैतद्वचनं धर्म्यं कर्तुमर्हस्यनिन्दिते
ata etāni sarvāṇi kāraṇāni samīkṣya vaimamaitadvacanaṃ dharmyaṃ kartumarhasyanindite
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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