महाभारत 1.113.4अनावृताः किल पुरा स्त्रिय आसन्वराननेकामचारविहारिण्यः स्वतन्त्राश्चारुलोचनेanāvṛtāḥ kila purā striya āsanvarānanekāmacāravihāriṇyaḥ svatantrāścārulocaneइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें