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महाभारत 1.129.6
तथा भीष्मः शांतनवः सत्यसंधो महाव्रतःप्रत्याख्याय पुरा राज्यं नाद्य जातु ग्रहीष्यति
tathā bhīṣmaḥ śāṃtanavaḥ satyasaṃdho mahāvrataḥpratyākhyāya purā rājyaṃ nādya jātu grahīṣyati
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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