महाभारत 1.13.14
पितर ऊचुःयायावरा नाम वयमृषयः संशितव्रताःसंतानप्रक्षयाद्ब्रह्मन्नधो गच्छाम मेदिनीम्
pitara ūcuḥyāyāvarā nāma vayamṛṣayaḥ saṃśitavratāḥsaṃtānaprakṣayādbrahmannadho gacchāma medinīm
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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