महाभारत 1.13.29
सूत उवाच · sūta uvāca
ततो निवेशाय तदा स विप्रः संशितव्रतःमहीं चचार दारार्थी न च दारानविन्दत
tato niveśāya tadā sa vipraḥ saṃśitavrataḥmahīṃ cacāra dārārthī na ca dārānavindata
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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