महाभारत 1.13.37
स च तां प्रतिजग्राह विधिदृष्टेन कर्मणाआस्तीको नाम पुत्रश्च तस्यां जज्ञे महात्मनः
sa ca tāṃ pratijagrāha vidhidṛṣṭena karmaṇāāstīko nāma putraśca tasyāṃ jajñe mahātmanaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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